<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-368049742170520019</id><updated>2011-07-07T22:41:17.385-07:00</updated><category term='kisan'/><title type='text'>खाने के लिए रोटी की ज़रूरत होती है कंप्यूटर की नही</title><subtitle type='html'></subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://rotiyalaptop.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/368049742170520019/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://rotiyalaptop.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>THE SHUBHAM V</name><uri>http://www.blogger.com/profile/07649525691856504278</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='23' src='http://3.bp.blogspot.com/_M-RoJrqwxLY/SPMmH-HylXI/AAAAAAAAABY/5Oc0adf9-oY/S220/aaaaaaaaaaaaaaaaaa.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>1</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-368049742170520019.post-6403358860674033366</id><published>2010-07-23T01:02:00.000-07:00</published><updated>2010-07-23T01:04:47.556-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='kisan'/><title type='text'>खाने के लिए रोटी की ज़रूरत होती है कंप्यूटर की नहीं???</title><content type='html'>&lt;strong&gt;by THESHUBHAM » Thu Jul 22, 2010 5:35 am &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;खाने के लिए रोटी की ज़रुरत होती है कंप्यूटर या लैपटॉप की नहीं ?????&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आप लोग सोच रहे हैं ये क्या पागलपन की बात लिखी है कोई कंप्यूटर कब खाता या खिलाता है !&lt;br /&gt;इसे आगे पढिये आप खुद जान जायेंगे क्या हो रहा है इस देश में ! जैंसा की हम सभी जानते हैं के हमारा देश हमेशा से कृषि प्रधान रहा है और हमारी देश का आधे से ज्यादा धन या अर्थव्यवस्था कृषि से ही आती है ! पर आज हमें खाने की चीज़े महंगे दामो पर मिल रही है ! लगभग हर फल या सब्जी में मिलावट है यहाँ तक के गाए के दूध तक में मिलावट ! जो फल या सबजिया पहले कभी हम मुफ्त में बाट दिया करते थे आज खरीद कर नहीं मिल रही क्यों ??????&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसका कारन जानना चाहते हैं :- ये एक बहुत बड़ा मुद्दा और समस्या है जिसे आज में उठा रहा हूँ इसलिए ध्यान से पढियेगा इसे क्योंकि अगर आज इस चीज़ पर देश में ध्यान नहीं दिया गया तो हमारा सारा देश साथ ही कई पडोसी देश भी जो एसा कर रहे हैं भूखे मर जायेंगे .&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ये सब किसी पार्टी के कारन नहीं हमारी सोच के कारन हो रहा है ! हम देश की तरक्की के नाम पर अपना ही नुकसान कर रहे हैं और ये ऐसे हो रहा है, के ये सारे बड़े builders ने अपना काम शहरों में पूरा कर लिया अब उनका धंदा ख़तम होने लगा , तो उन्होंने गाँव का रुख किया आज सारे बड़े शहर चाहे वो मुंबई पुणे हो या बंगलोरे और दिल्ली सब आस पास के छोटे छोटे गाँव से मिलकर बने हैं, और सारे गाँव में किसानो की जमीनों को builders ने लालच देकर या डरा धमकाकर खरीद लिया और नेताओं ने भी देवेल्पोमेंट के नाम पर खेतो को ख़त्म करके वह बिल्डिंग्स बनाने दी और धीरे धीरे भारत के खेत ख़त्म होने लगे न ही सिर्फ खेत साथ ही किसान भी क्योंकि &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हमारी गन्दी सोच है के जो सूट पहना है या tie लगाया है वो महान है और ज्ञानवान हे और या धोती पहनने वाले लोग मुर्ख है बस इसी सोच के कारन आज किसान अपने बेटों को किसान नहीं बना रहे बल्कि इंजिनियर या डोक्टर बना रहे हैं और वो सभी बादमे बेरोजगार घूमते हैं ???&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हर किसान आज शहर जाके कंप्यूटर और लैपटॉप और सूट लेना चाहता है और खेत में काम नहीं करना चाहता क्योंकि हम उसे वह सम्मान नहीं देते! &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;एक गरीब किसान जो अपने दिन रात एक करके हमारे लिए फसल उगता है हम use इज्ज़त नहीं देते बस ट्रेन में अपने पास तक नहीं बैठते और कोई कंप्यूटर इंजिनियर या सुइट पहना MBA हो जो कंप्यूटर या लैपटॉप लिया हो उसके पास सब बैठते और चाहे वो कितना भी गधा हो उसकी इज्ज़त हैं ?????? वाह शर्म आणि चाहिए हमे अपने आप पर .......&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्या सिर्फ सूट पहनने या शहर में रहने से ही ज्ञान आता है , अरे हमरे देश में तो सदा जीवन उच्च विचार की संस्कृति है , और कहों वर्षो से यहाँ के साधू जंगलों में ज्ञान पाप्त करते आये है किसी विदेशी स्कूल में या शहर में नहीं , बल्कि उन महँ ऋषियों ने हमेशा इन बेवकूफ शहर वालों को ज्ञान दिया है , आज हम जिस अमेरिका का अनुसरण कर रहे हैं वह विवेकानंदा के और महिर्षि योगी या ओशो या बाबा रामदेव के कई चेले हैं क्यों????&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्योंकि ज्ञान सिर्फ compuer चलने और अंग्रेजी आना नहीं होता , और अगर इन पड़े लिखे लोगो को इनकी पढाई का ज्ञान है तो किसानो को भी धर्म का इंसानियत का फसल कब उगाबी है कब लगनी है इन सबका ज्ञान है , आयर्वेद का ज्ञान हे , प्रकर्ति का ज्ञान हे !!! &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसीलिए मैंने था जब किसान ख़त्म हो जायेंगे तो रोटी और अन्न ख़त्म हो जायेगा और तब खाना लैपटॉप और कंप्यूटर &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;और तब लैपटॉप आएंगे २ रुपये में और रोटी १ लाख में क्योंकि laptop के बिना इन्सान जी सकता है पर रोटी के बिना नहीं, और जनसँख्या इतनी बढ गई है के किसान और खाने की चीज़े और बढना चाहिए बल्कि हो उल्टा रहा है ! किसान कम हो रहे हैं देवेलोप्मेंट हो रहा hai ! &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज गुडगाँव के सारे किसानो ने जमीने बुइल्देर्स को बेच दी अब वो अनपड़ हे , जब तक पैसा खर्च नहीं होता तब तक ऐश से रहेंगे बाद में भूखे मरेंगे और बुइल्देर्स ने तो अपना काम निकल लिया ,लेकिन उस हरयाणा की ज़मीन पर या नॉएडा के पास उत्तर प्रदेश की ज़मीन पर ,या महारास्त्र में मुंबई और पुणे के किसानो की ज़मीन पर जो खेत थे जो अन्न उगता था , सब ख़त्म, लाखो लोगो को जहा से अनाज मिल सकता था आज सब ख़त्म,........ अब खाओ शौपिंग माल और इंजीनियरिंग कालेज &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;और सबसे ज्यादा डर की बात अब यही हे के अब यही सब मध्य प्रदेश में हो रहा है आज, भोपाल और इंदौर के पास की सारी ज़मीने बुइल्देर्स ने खरीद ली और यहाँ इंजीनियरिंग कॉलेज बना रहे है या कॉलोनियां बसा रहे हैं इसी तरह चलता रहा तो एक दिन सारे किसान मरेंगे फिर उनके बच्चे मरेंगे और फिर वो लोग जिन्हें खाने नहीं मिलेगा , और हम सब !&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ये बुइल्देर्स और नेता तो करोरो रुपये लेकर निकल जायेंगे यहाँ से पर हम सबका क्या होगा क्या होगा इस देश की १०० करोड़ से ज्यादा जनता का ये हमें सोचना है !!!!&lt;br /&gt;और यही मेरी चिंता का विषय है &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हमे किसानो को रोकना होगा ज़मीने बेचने से उन्हें उनकी खोई इज्ज़त वापस दिलाना होगी, जिस तरह लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था जय जवान जय किसान, वैसे ही और किसानो को समझाना होगा, अपने बच्चो को किसान ही बनाये उन्हें सारी चीज़े हम गाँव में ही मुहैया करवाएंगे और उन्हें पढ़ाएंगे भी और इज्ज़त भी देंगे और इन धोकेबाज़ और खुनी बुइल्देर्स को रोकना होगा वरना ताकत और पैसे के नशे में चूर ये सारे देश को बर्बाद कर देंगे और बना देंगे किसानो की लाशों पर बड़ी बड़ी इमारते !!&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;खेत और हरियाली ख़त्म होने से कई संकट है :-&lt;br /&gt;1)हम और हमारे किसान भूखे मरेंगे &lt;br /&gt;2) global warming&lt;br /&gt;3) हमारी अर्थ व्यवस्था डूब जाएगी &lt;br /&gt;4)और हमे विदेशों से खाने की वस्तुए मंगनी होगी सोचो जब वो लोग पेट्रोल और दिएसेल जिसके बिना हम जीवित रह सकते हैं इतना महंगा देते हैं हमे क्योंकि सिर्फ उनके पास है&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हमे खाना कितना महंगा देंगे ......सारे गरीब मर जायेंगे भुखमरी बढेगी &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसे रोकना होगा .......... में काम कर रहा हु आप भी सहयोग करे और भारत के हर जिले में किसानो को समझाए और लोगो को क्योंकि अकेला किसान इन बड़े बुइल्देर्स से नहीं लड़ सकता जनता को उनका साथ देना होगा और रोकना होगा हमें अपने भ्रष्ट नेताओं को जो किसानो की या सरकारी जमीनों का सौदा चंद रुपये खा कर कर देते है ?????????????&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जब भी आपके शहर में नयी कालोनी बन रही हो या शहर के बहार कुछ कालेज या शौपिंग माल बन रहा हो !!!!!! हमेशा ये याद रखे "खाने के लिए रोटी की ज़रुरत होती है कंप्यूटर या लैपटॉप की नहीं" &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;और खेती के लिए जमीन की ज़रूरत होती हे शोपिंग माल की नहीं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जय हिंद जय भारत&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आपका मित्र &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;SHUBHAM VERMA&lt;br /&gt;MADHYA BHARAT&lt;br /&gt;09713760660&lt;br /&gt;THESHUBHAMV@GMAIL.COM[/b]JAI HIND JAI BHARAT&lt;/strong&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/368049742170520019-6403358860674033366?l=rotiyalaptop.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://rotiyalaptop.blogspot.com/feeds/6403358860674033366/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://rotiyalaptop.blogspot.com/2010/07/blog-post.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/368049742170520019/posts/default/6403358860674033366'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/368049742170520019/posts/default/6403358860674033366'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://rotiyalaptop.blogspot.com/2010/07/blog-post.html' title='खाने के लिए रोटी की ज़रूरत होती है कंप्यूटर की नहीं???'/><author><name>THE SHUBHAM V</name><uri>http://www.blogger.com/profile/07649525691856504278</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='23' src='http://3.bp.blogspot.com/_M-RoJrqwxLY/SPMmH-HylXI/AAAAAAAAABY/5Oc0adf9-oY/S220/aaaaaaaaaaaaaaaaaa.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry></feed>
